‘परं सा रथेन राजभवनं’ से जुड़ा हुआ सही कथन कौन-सा है?
तत:परं सा रथेन राजभवनं गच्छति।
○ परिश्रमी ी सदैव सफल होता हैै।
○ विद्यया विना जीवनं व्यर्थम्।
○ ‘कर्मणि द्वितीीया’ सूत्राानुसारेण ‘पुत्रम्’ इति पदे द्वितीीया विभक्ति: प्रयुक्ताता।
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पाठ में ‘परं सा रथेन राजभवनं’ के संदर्भ में यही तथ्य दिया गया है। — Examisthan.com