घटनाओं का क्रम
रामलीला के पात्रों की सजावट दोपहर से शुरू होती थी और लेखक पहले ही वहाँ पहुँच जाता था।
वह छोटे-मोटे काम उत्साह से करता था।
आगे वह गुल्ली-डंडा को अपना प्रिय खेल बताते हुए उसके सरल साधनों की चर्चा करता है। घटनाओं को उसी क्रम में देखें जिस क्रम में पाठ उन्हें प्रस्तुत करता है।
मुख्य बात: रामलीला के पात्रों की सजावट दोपहर से शुरू होती थी और लेखक पहले ही वहाँ पहुँच जाता था।
त्वरित पुनरावृत्ति
- रामलीला के पात्रों की सजावट दोपहर से शुरू होती थी और लेखक पहले ही वहाँ पहुँच जाता था।
- वह छोटे-मोटे काम उत्साह से करता था।
- आगे वह गुल्ली-डंडा को अपना प्रिय खेल बताते हुए उसके सरल साधनों की चर्चा करता है।
- इस उप-विषय की समझ पाठ के दिए गए उदाहरणों और अभ्यासों पर आधारित है।