‘केभ्यय धनं ददाति स्मम’ के बारे में पाठ में कौन-सी बात स्पष्ट की गई है?
○ अपादाने पञ्चचमीी-विभक्ति: प्रयुज्ययते।
○ सम्प्रदाने च चतुर्थी विभक्ति: भवति।
रथेन (iv) स: केभ्यय: धनं ददाति स्मम?
○ प्रथमा विभक्ति: एव प्रयुज्ययते।
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पाठ में ‘केभ्यय धनं ददाति स्मम’ के संदर्भ में यही तथ्य दिया गया है। — Examisthan.com